धन और समृद्धि के देवता कुबेर को अपनी समृद्धि पर बड़ा घमण्ड हो गया। वो अपना वैभव सभी देवताओं को दिखाने के लिए उनको अपने महल में आमंत्रित कर बड़े ही धूमधाम से उनका सत्कार करते। उन्होंने महादेव और पार्वती माता को भी कई बार आमंत्रित किया पर वो कभी कुबेर के महल नहीं पधारे। अंततः कुबेर स्वयं कैलाश जाकर महादेव को रत्न और आभूषण समर्पित करने लगे। महादेव को इन सब सांसार ... Show More
कश्यप ऋषि की पत्नी देवी अदिति को विवस्वान, अर्यमा, पूषा, त्वष्टा, सविता, भग, धाता, विधाता, वरुण, मित्र, इन्द्र और त्रिविक्रम पुत्र हुए। ये बारह आदित्य कहलाये। इनमें से त्वष्टा का विवाह दैत्यों की छोटी बहन रचना से हुआ, जिनसे उनको दो पुत्र हुए – सन्निवेश और विश्वरूप। जब देवगुरु बृह ... Show More